राजाबाई क्लॉक टॉवर, मुंबई Hindi History Of Word
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राजाबाई क्लॉक टॉवर – मुंबई (इतिहास और शब्द की उत्पत्ति)
📍 स्थान:
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मुंबई विश्वविद्यालय परिसर, फोर्ट क्षेत्र, मुंबई, महाराष्ट्र
🏛️ निर्माण का इतिहास:
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निर्माण काल: सन् Hindi History Of Word 1869 से 1878 के बीच
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स्थापत्य शैली: विनीसियन गॉथिक आर्किटेक्चर
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वास्तुकार (Architect): सर जॉर्ज गिल्बर्ट स्कॉट – ब्रिटेन के प्रसिद्ध वास्तुकार
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ऊँचाई: लगभग 280 फीट (85 मीटर) – एक समय में मुंबई की सबसे ऊँची इमारत मानी जाती थी
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प्रेरणा: लंदन के बिग बेन जैसे एक भव्य घंटाघर की
👵 “राजाबाई” शब्द का इतिहास – नाम क्यों पड़ा?
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इस टॉवर का नाम "राजाबाई", प्रसिद्ध व्यापारी प्रेमचंद रॉयचंद की माता जी के नाम पर रखा गया था।
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राजाबाई नामक उनकी माता दृष्टिहीन (नेत्रहीन) थीं।
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वे प्रतिदिन नियमित समय पर धार्मिक प्रार्थनाएँ किया करती थीं, परंतु समय जानना कठिन था।
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इसलिए प्रेमचंद रॉयचंद ने इस घंटाघर का निर्माण करवाया, जिससे समय की जानकारी उन्हें आसानी से मिल सके।
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इस प्रकार, माँ के स्नेह और श्रद्धा के प्रतीकस्वरूप, इसका नाम रखा गया "राजाबाई क्लॉक टॉवर"।
🕰️ घंटाघर की विशेषताएँ:
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इसमें एक बड़ा घंटाघर है, जो हर 15 मिनट में घंटी बजाता है।
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पहले यह घंटाघर English History Of Word ब्रिटिश धुनों पर आधारित संगीत भी बजाता था।
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कलात्मक कांच की खिड़कियाँ, मेहराबें और नक्काशीदार गुम्बद इसकी खास पहचान हैं।
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ऊपरी तल से मुंबई और समुद्र का विहंगम दृश्य दिखाई देता था (वर्तमान में प्रवेश प्रतिबंधित है)।
🌍 महत्त्व और धरोहर:
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युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त – मुंबई के विक्टोरियन गॉथिक और आर्ट डेको समूह का हिस्सा
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यह मुंबई विश्वविद्यालय का एक प्रतीकात्मक स्मारक है
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पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र
🔚 निष्कर्ष:
राजाबाई क्लॉक टॉवर केवल Marathi History Of Word एक इमारत नहीं, बल्कि एक माँ के सम्मान, भारतीय स्थापत्य और ब्रिटिशकालीन इतिहास का जीवंत प्रतीक है। यह आज भी मुंबई की पहचान में शुमार है।
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