कुतुब मीनार- बलुआ पत्थर से बनी ऊंची मीनार Hindi History Of Word
![]() |
| Hindi History Of Word |
कुतुब मीनार का इतिहास
कुतुब मीनार भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित एक ऐतिहासिक और वास्तुशिल्पिक चमत्कार है। यह मीनार बलुआ पत्थर से बनी हुई है और इसे भारतीय-मुस्लिम Hindi History Of Word वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। यहां कुतुब मीनार के इतिहास और उसके निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है:
निर्माण और इतिहास:
- निर्माण काल: कुतुब मीनार का निर्माण 1193 में दिल्ली के पहले मुस्लिम शासक कुतुब-उद-दीन ऐबक ने शुरू किया था। इसका निर्माण कार्य उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश और बाद में फिरोज शाह तुगलक ने पूरा किया।
- प्रेरणा: कुतुब मीनार का निर्माण, कुतुब-उद-दीन ऐबक ने अफगानिस्तान के जम मीनार से प्रेरित होकर करवाया था। इसका उद्देश्य इस्लामी प्रभाव English History Of Word और शक्ति का प्रतीक दिखाना था।
- वास्तुकला: यह मीनार लाल बलुआ पत्थर से बनी है और इसकी ऊंचाई लगभग 73 मीटर (239.5 फीट) है। मीनार में पांच मंजिलें हैं, जिनमें प्रत्येक मंजिल पर उभरी हुई बालकनियां हैं। मीनार की दीवारों पर अरबी और नागरी लिपियों में शिलालेख हैं।
निर्माण और विस्तार:
- प्रथम चरण: कुतुब-उद-दीन ऐबक ने मीनार की पहली मंजिल का निर्माण करवाया था। उनके शासनकाल के बाद, उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने तीन और मंजिलों का निर्माण किया।
- द्वितीय चरण: 1368 में, फिरोज शाह तुगलक ने मीनार की पाँचवीं और अंतिम मंजिल का निर्माण करवाया।
- मरम्मत और संरक्षण: विभिन्न शासकों और समय के साथ, कुतुब मीनार को कई बार मरम्मत और संरक्षण के कार्यों की आवश्यकता पड़ी। इसमें 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा भी योगदान दिया गया।
महत्वपूर्ण घटनाएं:
- भूकंप और मरम्मत: कुतुब Marathi History Of Word मीनार को कई बार भूकंप के कारण नुकसान हुआ है। 1505 में आए भूकंप के बाद सिकंदर लोदी ने इसकी मरम्मत करवाई थी।
- वास्तुशिल्पीय विस्तार: मीनार के परिसर में कई अन्य महत्वपूर्ण इमारतें और संरचनाएं भी हैं, जैसे कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद, अलाई दरवाजा, और अला-उद-दीन का मदरसा।
संस्कृति और धरोहर:
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: कुतुब मीनार और इसके परिसर को 1993 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई।
- पर्यटन: यह मीनार भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है और दिल्ली के ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है।
कुतुब मीनार भारतीय इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी सुंदरता, भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्मारकों में से एक माना जाता है।

Comments
Post a Comment